रिश्तों को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है।
उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि चमनगंज थाना क्षेत्र के एक 25 वर्षीय युवक अपने ही परिवार की बच्चियों और महिलाओं के बाथरूम में चोरी-छिपे अश्लील वीडियो बनाकर उन्हें Google Drive पर सेव करता था। पीड़ितों में आरोपी की बहन भी शामिल बताई जा रही है।
कानपुर: रिश्तों को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है। आरोप है कि 25 वर्षीय युवक अपने ही परिवार की बच्चियों और महिलाओं के बाथरूम में चोरी-छिपे अश्लील वीडियो बनाकर उन्हें Google Drive पर सेव करता था। पीड़ितों में आरोपी की बहन भी शामिल बताई जा रही है।
कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर में बाल सुरक्षा और साइबर अपराध से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। चमनगंज थाना क्षेत्र के 25 वर्षीय एक युवक को अपने ही परिवार की नाबालिग बच्चियों और आसपास की कुछ बच्चियों से जुड़े कथित अश्लील आपत्तिजनक फोटो और वीडियो गूगल ड्राइव में सुरक्षित रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के अनुसार, मामले का खुलासा गूगल के सुरक्षा तंत्र से मिले इनपुट और उसके बाद हुई तकनीकी जांच के जरिए हुआ। गूगल के सुरक्षा सिस्टम से मिली सूचना पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने कथित अश्लील आपत्तिजनक वीडियो ओर फोटो अपने गूगल ड्राइव अकाउंट में अपलोड कर रखी थी। गूगल के सुरक्षा सिस्टम ने संदिग्ध सामग्री की पहचान कर इसकी सूचना राष्ट्रीय लापता एवं शोषित बाल केंद्र (NCMEC) को भेजी। इसके बाद यह इनपुट राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) के माध्यम से भारतीय जांच एजेंसियों तक पहुंचा, जिसके आधार पर कानपुर पुलिस और साइबर टीम ने जांच शुरू की। IP एड्रेस, IMEI और ईमेल आईडी से आरोपी तक पहुंची पुलिस
एडीसीपी क्राइम अंजलि विश्वकर्मा के अनुसार, सूचना मिलने के बाद सेंट्रल ज़ोन की साइबर पुलिस टीम ने गोपनीय तरीके से जांच शुरू की। जांच के दौरान गूगल से प्राप्त तकनीकी जानकारी, मोबाइल IMEI नंबर, ईमेल आईडी और IP एड्रेस का विश्लेषण किया गया। डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस चमनगंज क्षेत्र में रहने वाले आरोपी तक पहुंची और उसे गिरफ्तार कर लिया। मोबाइल और गूगल ड्राइव से मिले अश्लील आपत्तिजनक वीडियो ओर फोटो पुलिस ने आरोपी का मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त कर लिए हैं। प्रारंभिक जांच में गूगल ड्राइव और मोबाइल से कई कथित आपत्तिजनक फोटो और वीडियो मिलने की बात सामने आई है। फिलहाल सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की साइबर फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है। परिवार और आसपास की नाबालिग बच्चियों से जुड़े गंभीर आरोप पुलिस के अनुसार, आरोपी पर अपने परिवार की नाबालिग, रिश्तेदारों और आसपास रहने वाली कुछ बच्चियों से जुड़े कथित आपत्तिजनक वीडियो और तस्वीरें बनाने तथा उन्हें डिजिटल रूप से सुरक्षित रखने के आरोप हैं। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि क्या इन सामग्रियों को किसी अन्य वेबसाइट, सोशल मीडिया या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर साझा किया गया था। फॉरेंसिक जांच जारी अधिकारियों का कहना है कि इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की विस्तृत फॉरेंसिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आपत्तिजनक सामग्री की संख्या कितनी थी, उसे कब अपलोड किया गया और क्या उसे कहीं साझा भी किया गया था। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि मामले में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता तो नहीं है। NCMEC और NCRP की भूमिका पुलिस के अनुसार, राष्ट्रीय लापता एवं शोषित बाल केंद्र (NCMEC) दुनिया भर में बच्चों से जुड़े ऑनलाइन यौन शोषण संबंधी कंटेंट की पहचान कर संबंधित देशों की एजेंसियों को सूचना उपलब्ध कराता है। भारत में ऐसी सूचनाएं राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) और संबंधित जांच एजेंसियों तक पहुंचती हैं, जिसके आधार पर स्थानीय पुलिस कार्रवाई करती है। कानपुर का यह मामला भी इसी प्रक्रिया के तहत सामने आया। आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित कानूनी धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर विशेषज्ञों और फॉरेंसिक टीम की सहायता ली जा रही है। साथ ही पीड़ित बच्चियों की पहचान और निजता की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है। अभिभावकों से पुलिस की अपील पुलिस ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखें और किसी भी संदिग्ध डिजिटल गतिविधि की जानकारी तुरंत साइबर पुलिस या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर दें। अधिकारियों का कहना है कि समय पर दी गई सूचना बच्चों से जुड़े गंभीर साइबर अपराधों को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
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