पेशाब में दिक्कत या खून आना न करें नजरअंदाज, प्रोस्टेट कैंसर का हो सकता है संकेत: डॉ. अमित गोयल
कमजोर यूरिन फ्लो, बार-बार पेशाब आना, पेशाब में खून दिखना और पेल्विक दर्द जैसे लक्षण प्रोस्टेट कैंसर या अन्य गंभीर प्रोस्टेट समस्याओं की ओर इशारा कर सकते हैं। विशेषज्ञों ने 50 वर्ष से अधिक उम्र के पुरुषों को नियमित जांच कराने और शुरुआती संकेतों को गंभीरता से लेने की सलाह दी है।
पेशाब करने में दिक्कत, कमजोर यूरीन फ्लो या पैसा में खून दिखना, हो सकता है प्रोस्टेट कैंसर का संकेत!
रोहतक:-
कई पुरुष पेशाब से जुड़ी समस्याओं को उम्र बढ़ाने का सामान्य हिस्सा मानकर नजर अंदाज कर देते हैं। पेशाब करने में कठिनाई होना, यूरिन का फ्लो कमजोर होना, बार-बार, खासकर रात में पेशाब के लिए उठना या पेशाब में खून आना जैसी समस्याओं को अक्सर तब तक गंभीरता से नहीं लिया जाता जब तक लक्षण बहुत ज्यादा ना बढ़ जाए। हालांकि इन संकेतों को नजरअंदाज करना सही नहीं है, क्योंकि कई बार ये प्रोस्टेट कैंसर या प्रोस्टेट से जुड़ी अन्य समस्याओं का संकेत हो सकते हैं।
प्रोस्टेट पुरुषों में मूत्राशय के नीचे स्थित एक छोटी ग्रंथि होती है। बढ़ती उम्र के साथ यह ग्रंथि आकार में बड़ी हो सकती है और यूरेथ्रा पर दबाव डाल सकती है, जो शरीर से पेशाब बाहर निकलने का रास्ता है। इसके कारण पेशाब का फ्लो कमजोर होना, पेशाब शुरू करने या रोकने में परेशानी होना, बूंद-बूंद पेशाब आना या ऐसा महसूस होना की मूत्राशय पूरी तरह खाली नहीं हुआ है,जैसी समस्याएं हो सकती है।
मैक्स हॉस्पिटल, गुरुग्राम के यूरोलॉजी, किडनी ट्रांसप्लांट, यूरो ऑन्कोलॉजी, रोबोटिक सर्जरी विभाग के सीनियर डायरेक्टर एवं यूनिट हेड डॉ.अमित गोयल ने बताया "अधिकतर मामलों में यह लक्षण प्रोस्टेट के सामान्य रूप से बढ़ जाने यानी बेनाइन प्रॉस्टेटिक हाइपरप्लेसिया (BPH) के कारण होते हैं, लेकिन कुछ स्थितियों में यह प्रोस्टेट कैंसर का संकेत भी हो सकता है। खासतौर पर पेशाब या वीर्य में खून दिखाई देना गंभीर संकेत माना जाता है और इसकी तुरंत डॉक्टर से जांच करानी चाहिए। यह समझना भी जरूरी है कि शुरुआती चरण के प्रोस्टेट कैंसर में कई बार कोई स्पष्ट लक्षण दिखाई ही नहीं देते। ऐसे में बीमारी का पता नियमित हेल्थ स्क्रीनिंग,(PSA) प्रॉस्टेट स्पेसिफिक एंटीजन ब्लड टेस्ट या डिजिटल रेक्टल एग्जामिनेशन के जरिए चलता है बार-बार पेशाब आना, खासकर रात में, पेशाब के दौरान दर्द या जलन महसूस होना, दर्द के साथ स्खलन होना, इरेक्टाइल डिस्फेक्शन या कमर के निचले हिस्से, कूल्हों और पेल्विक एरिया में लगातार दर्द जैसे लक्षण भी चिकित्सकीय जांच की मांग करते हैं। हालांकि इन लक्षणों का मतलब हमेशा कैंसर नहीं होता। यूरिनरी ट्रैक्ट इनफेक्शन, प्रोस्टेट में सूजन, किडनी स्टोन या ब्लैडर से जुड़ी समस्याएं भी ऐसे लक्षण पैदा कर सकती है।
50 वर्ष से अधिक उम्र के पुरुषों को नियमित रूप से प्रोस्टेट स्वास्थ्य की जांच करानी चाहिए। यदि परिवार में पहले किसी को प्रोस्टेट कैंसर रहा हो तो स्क्रीनिंग पहले शुरू करने की सलाह दी जाती है। समय पर पहचान बेहद महत्वपूर्ण है,क्योंकि शुरुआती चरण में पता चला प्रोस्टेट कैंसर अक्सर सफलतापूर्वक इलाज योग्य होता है और कई मामलों में पूरी तरह ठीक भी किया जा सकता है।
दुर्भाग्यवश,झिझक और शर्म के कारण कई पुरुष पेशाब से जुड़ी समस्याओं पर खुलकर बात नहीं करते, जिससे जांच और इलाज में देरी हो जाती है। देरी से बीमारी एडवांस स्टेज में पहुंच सकती है, जहां उपचार अधिक जटिल हो जाता है। इसलिए जागरूकता, नियमित जांच और समय रहते विशेषज्ञ से परामर्श लेना लंबे समय तक स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है। यदि आपको लगातार पेशाब करने में परेशानी कमजोर यूरीन फ्लो या पैसा में खून दिखाई देता है, तो बिना देरी किए यूरोलॉजिस्ट से सलाह ले। शुरुआती संकेतों पर ध्यान देना गंभीर बीमारी से बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
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